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सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤
1. लहसà¥à¤¨ : लहसà¥à¤¨ में औषधीय गà¥à¤£ होते हैं, जो दरà¥à¤¦, सूजन और जलन को कम कर देते है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के लिठइसे सरसों के तेल में पकाà¤à¤‚ और पके लहसà¥à¤¨ को खा लें तथा बाकी तेल को दरà¥à¤¦ के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर मालिस करें।
2. तिल : तिल à¤à¥€ शरीर के लिठबेहद लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है । सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के लिठतिल के तेल को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके रोज दो बार मालिश करें और तिल का सेवन गà¥à¤¡à¤¼ की चाशनी में मिलाकर लडà¥à¤¡à¥‚ के रूप में करें।
3. हलà¥à¤¦à¥€ : यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का शानदार नेचà¥à¤²à¤° पेन किलर है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह खà¥à¤² के बहाव को तेज कर देता है और दरà¥à¤¦ को कम करता है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल के लिठहलà¥à¤¦à¥€ को à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ दूध के साथ उबाले और इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाà¤à¤‚। अब इसे दिन दो बार पिà¤à¤‚।
4. सिकाई : सिकाई सà¥à¤œà¤¨ को कम करके, दरà¥à¤¦ से राहत देता है।
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